फिल्मी दुनिया में अपना रास्ता खुद तलाशने निकले थे कादर खान

पहचान बन रही थी तभी राजेश खन्ना ने उन्हें पहचाना राजेश खन्ना ने हीं पहली बार कादर खान को अपनी फिल्म रोटी में बतौर डायलॉग राइटर ब्रेक दिया कादर खान ने इसके बाद राजेश खन्ना की तमाम फिल्मों के संवाद लिखे कादर खान ने जितेंद्र की दूसरी पारी में श्रीदेवी के साथ आई फिल्म तोहफा के बाद उनकी तकरीबन सभी फिल्मों के सभी संवाद लिखे अमिताभ बच्चन जब शोहरत की बुलंदियों छू रहे थे तो कादर खान ने मनमोहन देसाई ओर प्रकाश मेहरा की तमाम फिल्मों के संवाद लिखे अमिताभ के अलावा वह दूसरे ऐसे कलाकार रहे जो देसाई और मेहरा दोनों खेमों में काम करते थे



मनमोहन देसाई के लिए कादर खान ने धर्मवीर, कुली, देश प्रेमी,सुहाग,परवरिश और अमर अकबर एंथनी के संवाद लिखें

तो प्रकाश मेहरा के लिए कादर खान की लिखीं फिल्मों में ज्वालामुखी,शराबी,लावारिस और मुकद्दर का सिकंदर शामिल है

इसके अलावा कादर खान ने जिन अन्य सुपरहिट फिल्मों के संवाद लिखे । उनमें मिस्टर नटवरलाल,खून-पसीना,दो और दो पांच,सत्ते पे सत्ता,इंकलाब,गिरफ्तार,हम और अग्निपथ शामिल हैं
अग्निपथ और नसीब की पटकथाएं भी कादर खान ने हीं लिखीं फिर अचानक अमिताभ की फिल्मों से कादर खान दूर दिखने लगे

करीब 6 साल पहले कादर खान ने अपने दोस्तों के साथ बातचीत में बताया था कि कैसे दक्षिण भारत के एक प्रोड्यूसर के साथ एक फिल्म में संवाद लिखने की बात चल रही थी और उस निर्माता ने कादर खान से कहा कि आप सर जी से मिल लो इस पर कादर खान ने सवाल किया कौन सर जी निर्माता ने कहा कि आप सर जी को नहीं जानते अरे अमिताभ बच्चन ।

कादर खान ने कहा में अमिताभ बच्चन को अमित कह कर ही बुलाता हूं और दोस्तों को, घरवालों को,वह कभी भी "जी" संबोधन के साथ नहीं भुला सकते और फिर अमिताभ के मुंह से कादर खान के संवाद कभी नहीं सुने गए ।

कादर खान ने उस बातचीत में माना भी कि इसी के चलते उन्हें खुदा गवाह से बाहर किया गया मनमोहन देसाई की फिल्म गंगा जमुना सरस्वती आदि लिखने के बाद उन्हें छोड़नी पड़ी और भी अमिताभ बच्चन की तमाम अंडरप्रोडक्शन फिल्में थी जिनमें वह बतौर कलाकार या लेखक शामिल थे लेकिन यह सारी फिल्में उनके हाथ से निकल गई।

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